Tuesday, August 22, 2023

कथा के पहले दिन ऊँ नमः शिवाय एवं सद्गुरूनाथ जी की जय के जयकारे से गूंजा पूरा कथा स्थल

जयपुर। परम शिव भक्त, आध्यात्मिक गुरू एवं प्रसिद्ध कथावाचक सद्गुरूनाथ जी महाराज द्वारा श्रावणी शिवमहापुराण कथा की शुरूआत श्री गोंिवद जी मंदिर में हुई। कथा की शुरूआत कलश यात्रा के साथ हुई। जिसमें काफी संख्या में शिवभक्तों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कथा के दौरान सद्गुरूनाथ जी महाराज ने बताया कि जब तुम कलाश उठाते हो या कलश यात्रा में शामिल होते हो इतने मात्र से तुम्हारे कुल के सारे दोष मिट जाते हैं एवं दुर्भाग्य दूर भागने लगाता है। 


शिवमहापुराण कथा के दौरान सद्गुरूनाथ जी महाराज ने ऐसी-ऐसी अनोखी एवं प्रेरणादायक बातें बताई कि सारे भक्तजन खुशी से नाचने लगे। चारों तरफ भक्ति का एक अनुपम महौल दिखाई दे रहा था। सब भगवाने भोलेनाथ की भक्ति में अपने आप को डूबो देना चाहते थे। सद्गुरूनाथ जी महाराज के श्रीमुख से भक्ति की अविरल धारा इस प्रकार बह रही थी कि मानो स्वयं भगवान शंकर वहां उपस्थित होकर ये दिव्य बातें बता रहे हो। 

शिवमहापुराण कथा के दौरान सद्गुरूनाथ जी महाराज ने कहा कि भगवान राम हो या फिर कृष्ण ये समूचे विश्व में पूजे जाते हैं लेकिन इनके परिवार या बेटे की प्रतिमा एवं देश में कहीं नहीं होती है। लेकिन भगवान शिव एवं उनके परिवार के जितने भी सदस्य हैं वो पूरे भारतवर्ष और यहां तक की विदेशों में भी पूजनीय है। भगवान गणेश की पूजा से पहले तो कोई पूजा सिद्ध ही नहीं हो सकती। भगवान भालेनाथ की महिमा का गुणगाान देव-दानव, मनुष्य, भूत-पिशाच सभी करते हैं। जब देवताओं पर कोई संकट आता है तो भोलेनाथ ही उसको दूर करते हैं। 


सद्गुरूनाथ जी महाराज ने कहा कि कलयुग में झूठ का ही कारोबार है। चारो तरफ झूठ, हिंसा, कलह है। लोग इसके इतने आदि हो चुके हैं कि वो इंसानों के रग-रग में ये अवगुण समा चुका है। सीधा और सरल उपाय तो एक ही है विश्व में भगवान महादेव की गाथा शिवमहापुराण की कथा का श्रवण करें और उनकी पूजा करें। उसका मनन करें। अश्वमेघ यज्ञ कराने के जितना फल मिलता है अगर निष्ठा पूर्वक शिवमहापुराण कराया जाए। 


समय के सदुपयोग पर भी गुरूदेव ने प्रकाश डाला और कहा कि हमेशा अपने कीमती समय का ध्यान जरूर रखें। सारा समय का ही खेल है। समय निकालकर अपने आप को शिव भक्ति में भी जरूर लगाएं जिससे आपका जीवन सफल हो सके।

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